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Ljp Leader Chirag Paswan Targeted Bjp And Jdu Over Up Election 2022 – सियासत: चिराग पासवान बोले- यूपी में भाजपा ने जदयू की हैसियत नाप दी, जहरीली शराब से मौत के लिए सीएम नीतीश को ठहराया जिम्मेदार

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अमर उजाला ब्यूरो, पटना
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 18 Jan 2022 02:17 AM IST

चिराग पासवान
– फोटो : ANI (फाइल फोटो)

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उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मी का असर बिहार की राजनीति में भी देखने को मिल रहा है। दरअसल बिहार में भाजपा-जदयू गठबंधन की सरकार है लेकिन यूपी चुनाव में भाजपा ने जदयू को सीटें नहीं दी हैं। इस पर लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने चुटकी ली है।

यूपी में भाजपा द्वारा जदयू को सीटें नहीं दिए जाने पर लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि भाजपा ने जदयू की हैसियत नाप दी है। उन्होंने कहा कि बिहार में जहरीली शराब से जितनी मौतें हो रही हैं, उसके जिम्मेदार नीतीश कुमार हैं। चिराग ने कहा कि मैं शराबबंदी का समर्थन करता हूं, लेकिन जिस तरह से यह लागू किया गया है वह गलत है।
 
यूपी में अपनी पार्टी के चुनाव लड़ने पर चिराग ने कहा कि बहुत जल्द ही किन-किन सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, इसकी घोषणा करेंगे। वहीं चिराग ने मुख्यमंत्री नीतीश को पत्र लिख कर विधान परिषद चुनाव में सरपंच और पंच को वोट देने का अधिकार देने और इसके लिए जरूरी सांविधानिक प्रक्रिया को पूरा करने की मांग की है।

यूपी चुनाव में अकेले मैदान में उतरेगी जदयू, आज पार्टी की बैठक में तय होगी रणनीति
यूपी विधानसभा चुनाव में जदयू अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा से सीट शेयरिंग पर समझौता नहीं होने पर जदयू ने अकेले ही चुनाव लड़ने का फैसला किया है। भाजपा-जदयू के बीच मिलकर चुनाव लड़ने की बात पर सहमति तो थी पर सीट शेयरिंग को लेकर बात नहीं बनी जिसके बाद जदयू ने अकेले ही मैदान में उतरने का फैसला किया। मंगलवार को लखनऊ में पार्टी की बैठक में यह तय होगा कि जदयू कितनी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगा।  

जदयू नेता केसी त्यागी ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि हम एनडीए में भाजपा के प्रमुख सहयोगी हैं। हम चाहते हैं कि उतर प्रदेश में चुनाव लड़ें, इसको लेकर भाजपा से बातचीत भी चल रही है, लेकिन अभी तक भाजपा ने कुछ साफ नहीं किया है। 

जानकारी के मुताबिक, यूपी में एनडीए के घटक के रूप में शामिल कुछ दल उन्हीं सीटों पर लड़ना चाहते थे जिन पर जदयू लड़ना चाहती थी। जदयू ने तीन दर्जन सीटों की सूची भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को सौंपी थी। जदयू 20 से कम सीटों पर लड़ने को तैयार नहीं थी। केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को जदयू नेतृत्व ने सीट शेयरिंग के लिए अधिकृत किया था। जदयू नेतृत्व शुरू से ही कह रहा था कि अगर बात नहीं बनी तो जदयू अपने बूते चुनाव मैदान में उतरेगा।

उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मी का असर बिहार की राजनीति में भी देखने को मिल रहा है। दरअसल बिहार में भाजपा-जदयू गठबंधन की सरकार है लेकिन यूपी चुनाव में भाजपा ने जदयू को सीटें नहीं दी हैं। इस पर लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने चुटकी ली है।

यूपी में भाजपा द्वारा जदयू को सीटें नहीं दिए जाने पर लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि भाजपा ने जदयू की हैसियत नाप दी है। उन्होंने कहा कि बिहार में जहरीली शराब से जितनी मौतें हो रही हैं, उसके जिम्मेदार नीतीश कुमार हैं। चिराग ने कहा कि मैं शराबबंदी का समर्थन करता हूं, लेकिन जिस तरह से यह लागू किया गया है वह गलत है।

 

यूपी में अपनी पार्टी के चुनाव लड़ने पर चिराग ने कहा कि बहुत जल्द ही किन-किन सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, इसकी घोषणा करेंगे। वहीं चिराग ने मुख्यमंत्री नीतीश को पत्र लिख कर विधान परिषद चुनाव में सरपंच और पंच को वोट देने का अधिकार देने और इसके लिए जरूरी सांविधानिक प्रक्रिया को पूरा करने की मांग की है।

यूपी चुनाव में अकेले मैदान में उतरेगी जदयू, आज पार्टी की बैठक में तय होगी रणनीति

यूपी विधानसभा चुनाव में जदयू अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा से सीट शेयरिंग पर समझौता नहीं होने पर जदयू ने अकेले ही चुनाव लड़ने का फैसला किया है। भाजपा-जदयू के बीच मिलकर चुनाव लड़ने की बात पर सहमति तो थी पर सीट शेयरिंग को लेकर बात नहीं बनी जिसके बाद जदयू ने अकेले ही मैदान में उतरने का फैसला किया। मंगलवार को लखनऊ में पार्टी की बैठक में यह तय होगा कि जदयू कितनी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगा।  

जदयू नेता केसी त्यागी ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि हम एनडीए में भाजपा के प्रमुख सहयोगी हैं। हम चाहते हैं कि उतर प्रदेश में चुनाव लड़ें, इसको लेकर भाजपा से बातचीत भी चल रही है, लेकिन अभी तक भाजपा ने कुछ साफ नहीं किया है। 

जानकारी के मुताबिक, यूपी में एनडीए के घटक के रूप में शामिल कुछ दल उन्हीं सीटों पर लड़ना चाहते थे जिन पर जदयू लड़ना चाहती थी। जदयू ने तीन दर्जन सीटों की सूची भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को सौंपी थी। जदयू 20 से कम सीटों पर लड़ने को तैयार नहीं थी। केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को जदयू नेतृत्व ने सीट शेयरिंग के लिए अधिकृत किया था। जदयू नेतृत्व शुरू से ही कह रहा था कि अगर बात नहीं बनी तो जदयू अपने बूते चुनाव मैदान में उतरेगा।

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